विषय-सूची
- मेरी किस्मत का सितारा आपके हाथों में है लिरिक्स
- फागण का नज़ारा है भजन लिरिक्स
- आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स
- महफ़िल में मौजूद है बाबा ऐसा लगता है भजन लिरिक्स
- खाटू कितनी दूर भजन लिरिक्स
- आओ भक्तो चलो चले खाटू नगर भजन लिरिक्स
- काबिल नहीं हूँ तेरे फिर भी रिझा रहा हूँ भजन लिरिक्स
- जाके उनसे ये कहना मेरा इतना है कहना भजन लिरिक्स
- महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा भजन लिरिक्स
मेरी किस्मत का सितारा आपके हाथों में है लिरिक्स

मेरी किस्मत का सितारा
आपके हाथों में है
आपके हाथों में है
आपके हाथों में है
मेरी क़िस्मत का सितारा
आपके हाथों में है।।
क्यूँ करूँ चिंता फ़िकर मैं
ज़िंदगी के खेल की
कौन जीता कौन हारा
आपके हाथों में है
मेरी क़िस्मत का सितारा
आपके हाथों में है।।
कर दिया तेरे हवाले
मैंने अपने आप को
ठुकरा दो या दो सहारा
आपके हाथों में है
मेरी क़िस्मत का सितारा
आपके हाथों में है।।
‘राज’ इतना जान गया हूँ
मेरे बस में कुछ नहीं
मेरे सुख दुःख का पिटारा
आपके हाथों में है
मेरी क़िस्मत का सितारा
आपके हाथों में है।।
मेरी किस्मत का सितारा
आपके हाथों में है
आपके हाथों में है
आपके हाथों में है
मेरी क़िस्मत का सितारा
आपके हाथों में है।।
फागण का नज़ारा है भजन लिरिक्स

फागण का नज़ारा है
दोहा – हवाओं में अजब सा
रंग छा गया है
लगता है यारों
फागण का मेला आ गया है।
फागण का नज़ारा है
आयी है खाटु से चिट्ठियाँ
श्याम बाबा ने पुकारा है।।
हमने सुना है फागण में
मेला लगता है भारी
दूर दूर तक है चर्चा
मेले की महिमा न्यारी
जो एक बर जाता है
आता तो है लेकिन
दिल हार के आता है।।
लाखों लाखों निशान लिए
चलते है सब मतवारे
सारे रस्ते गूँजते है
श्याम नाम के जयकारे
सुन सुन के उछलता है
प्रेमी से मिलने को
ये खुद भी मचलता है।।
‘राज’ उसे जब प्रेमी की
यादें बहुत सताती है
मोड़ता है रुख़ बादल का
और फागण रुत आती है
फागण के बहाने से
मन को सुकून मिले
खाटु में जाने से।।
फागण का नज़ारा हैं
आयी है खाटु से चिट्ठियाँ
श्याम बाबा ने पुकारा है।।
आरती लखदातार की खाटू श्याम आरती लिरिक्स

भोर भई दिन
चढ़ गयो म्हारा बाबा
हो रही जय जयकार
मंदिर मा
आरती लखदातार की
आरती लखदातार कीं।।
ज्योत जगावां थारै
भोग लगावां
रुचि रुचि करा मनुहार
मंदिर मा
आरतीं लखदातार की
आरतीं लखदातार की।।
केसरियो बागो सोहवे
छत्तर विराजे
गले में नौलख हार
मंदिर मा
आरतीं लखदातार की
आरतीं लखदातार की।।
झांझ नगाड़ा थारै
नौबत बाजै
बाज रह्या खड़ताल
मंदिर मा
आरतीं लखदातार की
आरतीं लखदातार की।।
मोरछड़ी लहराओ
म्हारा बाबा
कष्ट हरो सरकार
मंदिर मा
आरतीं लखदातार की
आरतीं लखदातार की।।
आरती थारी बाबा
जो जन गावे
देवो थे भव से तार
मंदिर मा
आरतीं लखदातार की
आरतीं लखदातार की।।
भोर भई दिन
चढ़ गयो म्हारा बाबा
हो रही जय जयकार
मंदिर मा
आरती लखदातार की
आरती लखदातार कीं।।
महफ़िल में मौजूद है बाबा ऐसा लगता है भजन लिरिक्स

श्याम धणी का गुलशन
महका महका लगता है
महफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
पहुँच ना सकता सेक ग़मों का
मेरे दिल की बस्ती में
सर पर मेरे आज भी साया
तेरा लगता है
मेहफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
बेशक़ भूले जग वाले हमें
हम ना तुमको भूलेंगे
हर एक साँस पे बढ़ता तेरा
कर्ज़ा लगता है
मेहफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
ज़र्रे ज़र्रे से अब मुझको
ख़ुशबू तेरी आती है
पत्ता पत्ता याद में तेरी
डूबा लगता है
मेहफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
छुप जाओ तुम जाके कहीं भी
लेकिन पहचाने जाओगे
चाँद से भी सुंदर जो चेहरा
तेरा लगता है
मेहफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
ख्वाहिश है ये हम बच्चों की
पूरी करना श्याम धणी
नाज़ से एक दिन बोलो हमको
तू बेटा लगता है
मेहफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
श्याम धणी का गुलशन
महका महका लगता है
महफ़िल में मौजूद है बाबा
ऐसा लगता है।।
खाटू कितनी दूर भजन लिरिक्स

माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटू कितनी दूर
जयपुर नि वसना
रिंगस नि वसना
खाटू तो जाणा जरुर
माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटु कितनी क दूर।।
खाटू दी गलियाँ
सपणे च ओंदी
अखियां च छाया सुरूर
माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटु कितनी क दूर।।
ओदी ही करनी
हाँ मैं जी हजूरी
मालिक ओ मेरा हुजूर
माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटु कितनी क दूर।।
मैं ता बाबे दे
मंदर नू जासा
ओ मेरी अखियाँ दा नूर
माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटु कितनी क दूर।।
माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटू कितनी क दूर
जयपुर नि वसना
रिंगस नि वसना
खाटू तो जाणा जरुर
माये नी मेरीये
बाबे दी गलियाँ
खाटु कितनी क दूर।।
आओ भक्तो चलो चले खाटू नगर भजन लिरिक्स

आओ भक्तो चलो चले
खाटू नगर श्याम के दर
मेरा मन मचला जाए
बीत ना जाये
फागण का मेला
कही छूट ना जाये
आओ भक्तों आओ भक्तों
चलो चले
खाटू नगर श्याम के दर।।
पल पल हर पल
याद तेरी तड़पाती है
मैं जागु तो नींद
तुम्हे ना आती है
पूरे साल ये
इंतज़ार ही रहता है
कब आएगा फागण
मन ये कहता है
ये दूरी अब दोनों से
सही नही जाए
फागण का मेला
कही छूट ना जाये
आओ भक्तों आओ भक्तों
चलो चले
खाटू नगर श्याम के दर।।
आये जो फागण तो
बाबा बीते ना
तेरे तो बस में होगा
इसे रोको ना
क्यों ये फागण
इतनी जल्दी जाता है
भीगी पलकों पे
यादें रख जाता है
‘राज’ प्रेमियों संग
अर्ज लगाए
फागण का मेला
कही छूट ना जाये
आओ भक्तों आओ भक्तों
चलो चले
खाटू नगर श्याम के दर।।
आओ भक्तो चलो चले
खाटू नगर श्याम के दर
मेरा मन मचला जाए
बीत ना जाये
फागण का मेला
कही छूट ना जाये
आओ भक्तों आओ भक्तों
चलो चले
खाटू नगर श्याम के दर।।
काबिल नहीं हूँ तेरे फिर भी रिझा रहा हूँ भजन लिरिक्स

काबिल नहीं हूँ तेरे
फिर भी रिझा रहा हूँ
शायद वो मान जाए
सर को झुका रहा हूँ।।
नादान हूँ मैं बाबा
पुतला हूँ गलतियों का
अपने कई जनम के
कर्जे चूका रहा हूँ
काबिल नहीं हूं तेरे
फिर भी रिझा रहा हूँ।।
मेरी बदनसीबियो की
परछाईयां है गहरी
तुमसे नहीं शिकायत
केवल बता रहा हूँ
काबिल नहीं हूं तेरे
फिर भी रिझा रहा हूँ।।
तेरे नाम की चमक ने
मुझको दिया इशारा
चौखट पर आ गया हूँ
आसूं बहा रहा हूँ
काबिल नहीं हूं तेरे
फिर भी रिझा रहा हूँ।।
आया है दर पे झुक के
अबसे हुआ तू मेरा
थोड़ी सी देर रुक जा
तेरा जीवन सजा रहा हूँ
काबिल नहीं हूं तेरे
फिर भी रिझा रहा हूँ।।
काबिल नहीं हूँ तेरे
फिर भी रिझा रहा हूँ
शायद वो मान जाए
सर को झुका रहा हूँ।।
जाके उनसे ये कहना मेरा इतना है कहना भजन लिरिक्स

जाके उनसे ये कहना
मेरा इतना है कहना
जाने वाले ओ जाने वाले
सांवरे से कहना
सांवरे से कहना
हमें भी बुला ले
जाने वाले ओ जाने वाले
जाने वाले ओ जाने वाले।।
हमने काटी है रतियाँ
जाग जाग कर
लिखी सौ सौ चिट्ठियां हमने
सांवरे के नाम पर
एक और चिट्ठी कर दे
एक और चिट्ठी कर दे
श्याम के हवाले
जाने वाले ओ जाने वाले
जाने वाले ओ जाने वाले।।
याद आती है वो गलियां
खाटू धाम की
वो चेहरा नूरानी उसका
गूँज उसके नाम की
याद करते हैं उसे
याद करते हैं उसे
दिल से दिलवाले
जाने वाले ओ जाने वाले
जाने वाले ओ जाने वाले।।
कहना ‘राज’ को बुला ले
अपने पास में
नाम मेरा भी लिख ले
अपने ही दास में
मेरा भी प्रणाम कहना
मेरा भी प्रणाम कहना
जब तू विदा ले
जाने वाले ओ जाने वाले
जाने वाले ओ जाने वाले।।
जाके उनसे ये कहना
मेरा इतना है कहना
जाने वाले ओ जाने वाले
सांवरे से कहना
सांवरे से कहना
हमें भी बुला ले
जाने वाले ओ जाने वाले
जाने वाले ओ जाने वाले।।
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा भजन लिरिक्स

महफ़िल है श्याम आपकी
महफ़िल में आइये ज़रा
पलकें बिछाए बैठे हैं
पलकें बिछाए बैठे हैं
कुछ तो फरमाइए ज़रा
मेहफ़िल है श्याम आपकी
मेहफ़िल में आइये ज़रा।।
यूँ तो हैं लाखों कलियाँ
फिर भी है सूना ये चमन
चरणों में लगा खाटू की
चरणों में लगा खाटू की
मिटटी तो लाइए ज़रा
मेहफ़िल है श्याम आपकी
मेहफ़िल में आइये ज़रा।।
नादानियों पे मेरी
करते हमेशा पर्दा तुम
परदे की हो गई आदत
परदे की हो गई आदत
पर्दा हटाइये ज़रा
मेहफ़िल है श्याम आपकी
मेहफ़िल में आइये ज़रा।।
तोहफे में तुम्हे देते
अम्बार आंसुओं भरा
उस पर ये तुमसे कहते हैं
उस पर ये तुमसे कहते हैं
अजी मुस्कुराइए ज़रा
मेहफ़िल है श्याम आपकी
मेहफ़िल में आइये ज़रा।।
घडी इंतज़ार की अब
बेसब्र हो रही है
बैठा है ‘राज’ चरणों में
बैठा है ‘राज’ चरणों में
यूँ ना सताइये ज़रा
मेहफ़िल है श्याम आपकी
मेहफ़िल में आइये ज़रा।।
महफ़िल है श्याम आपकी
महफ़िल में आइये ज़रा
पलकें बिछाए बैठे हैं
पलकें बिछाए बैठे हैं
कुछ तो फरमाइए ज़रा
मेहफ़िल है श्याम आपकी
मेहफ़िल में आइये ज़रा।।